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निःशक्तजन राज्य स्तरीय पुरस्कार योजना

योजना का उद्देश्य :-

  • निःशक्त व्यक्तियों एवं उनके हितार्थ कार्य करने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहन देना तथा निःशक्त व्यक्तियों के समग्र पुनर्वास हेतु समुदाय को प्रेरित करना

पुरस्कार की श्रेणियां :-

  • अ. सर्वोत्तम निःशक्त कर्मचारी|
  • ब. सर्वोत्तम नियोक्ता (निःशक्त व्यक्तियों के सन्दर्भ में)|
  • स. निःशक्तजनों के हितार्थ कार्यरत सर्वोत्तम स्वेच्छिक संस्था|
  • द. सर्वोत्तम जिला (निःशक्त अधिनियम में प्रावधानित सुविधायें उपलब्ध करवाने वाले)

मिलने वाले लाभ :-

  • निम्नानुसार हैं :-

परीक्षा में 40 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने पर छात्रवृत्ति की दरें निम्नानुसार है:-

क्र. पुरस्कार का नाम श्रेणी संख्या स्वरुप
1. सर्वोत्तम निःशक्त कर्मचारी 1. दृष्टि बाधित
2. श्रवण बाधित
3. अस्थि बाधित
4. प्रमस्तिष्क अंगघात/बहुविकलांग
प्रत्येक श्रेणी में एक पुरस्कार प्रत्येक श्रेणी को रुपये 5001/- नगद, प्रशस्ति पत्र,प्रमाण-पत्र
2. निःशक्तजनों के सर्वोत्तम नियोक्ता 1. दृष्टि बाधित
2. श्रवण बाधित
3. अस्थि बाधित
4. प्रमस्तिष्क अंगघात/बहुविकलांग
प्रत्येक श्रेणी में एक पुरस्कार प्रत्येक श्रेणी को रुपये 10,000/- नगद, प्रशस्ति पत्र,प्रमाण-पत्र
3. निःशक्तजनों के लिए कार्यरत सर्वोत्तम नियोक्ता स्वेच्छिक संस्था 1. दृष्टि बाधित
2. श्रवण बाधित
3. अस्थि बाधित
4. प्रमस्तिष्क अंगघात/बहुविकलांग
प्रत्येक श्रेणी में एक पुरस्कार प्रत्येक श्रेणी को रुपये 5001/- नगद, प्रशस्ति पत्र,प्रमाण-पत्र
4. निःशक्तजनों के पुनर्वास हेतु कार्य करने वाली सर्वोत्तम जिला समस्त प्रकार के निःशक्तजनों का पुनर्वास, बाधारहित वातावरण, शिक्षण-प्रशिक्षण, स्वरोजगार एवं अधिनियम में प्रावधानित अन्य सुविधायें प्रदान करना| एक पुरस्कार एक शील्ड, प्रशस्ति पत्र, प्रमाण-पत्र

आवेदन की प्रक्रिया :-

  • आवेदन को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन सम्बंधित जिले के उप-संचालक, पंचायत एवं समाज-कल्याण को प्रस्तुत करना होगा|

चयन प्रक्रिया :-

  • जिला कलेक्टर की अनुशंसा से प्राप्त प्रस्तावों पर राज्य स्तरीय समिति द्वारा निर्णय लिया जाता है|

आवेदन भेजने का पता :-

  • संयुक्त संचालक/उप-संचालक, पंचायत एवं समाज कल्याण सम्बंधित जिला|