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तृतीया लिंग समुदाय के व्यक्तियों का सशक्तिकरण

इस अनुभाग में कुछ दस्तावेज हिंदी में उपलब्ध नहीं हैं।

माननीय उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा रिट पिटीशन (सिविल) क्रमांक 400/2012 नेशनल लीगल सर्विसेस अथाॅरिटी, विरूद्ध भारत सरकार एवं अन्य के परिपेक्ष में 15.04.2014 को एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया गया है, जिसमें तृतीय लिंग वर्ग की दैनिक स्थिति को सुधारने, समाज में उचित स्थान दिलाने एवं शासकीय योजनाओं का लाभ पहुचाने के लिए केन्द्र/राज्य सरकार को निर्देश दिये गये है।

भारत सरकार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, नई दिल्ली का अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक 17-18-2013-डी.पी. II (VOL. II) दिनांक 21 जुलाई 2014 द्वारा तृतीय लिंग वर्ग के व्यक्तियों के सम्बन्ध में गठित विशेषज्ञ समिति की अनुशंसाओं को 14 अक्टूबर 2014 तक क्रियान्वयन करने हेतु निर्देश दिये गये है।

उपर्युक्त निर्देशो के परिपालन में छत्तीसगढ़ राज्य में निम्नानुसार कार्य करते हुए भारत सरकार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, नई दिल्ली को छत्तीसगढ़ शासन, समाज कल्याण विभाग मंत्रालय नया रायपुर का पत्र क्रमांक एफ 7-1/2014/ स.क./26 दिनांक 10.10.2014 को शासन के सम्बन्धित विभागो (छत्तीसगढ़ शासन, समान्य प्रषासन विभाग, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, नगरीय प्रषासन एवं विकास विभाग, तकनीकी षिक्षा, जनषक्ति नियोजन, विज्ञान एवं प्रौद्यिगिकी विभाग, स्कूल षिक्षा विभाग, पुलिस मुख्यालय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, श्रम विभाग, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उच्च षिक्षा विभाग, जनसम्पर्क विभाग) द्वारा समस्त विभागाध्यक्षों /जिलाध्यक्षो/सम्बन्धित अधिकारियों आदि को निर्देश जारी किये जाने की जानकारी भेजी गई।

  • छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय नया रायपुर का आदेश क्रमांक/एफ 1-2/2014/01/एफ दिनांक 11 सितम्बर 2014 द्वारा राज्य में तृतीय लिंग समुदाय के व्यक्तियों के अधिकारों के संरक्षण एवं कल्याण कार्य हेतु विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित किये जाने वाले कार्यक्रमांे/योजनाओं के पर्यवेक्षण के लिए समाज कल्याण विभागको नोडल विभाग घोषित किया है।
  • सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, समाज कल्याण विभाग, का आदेश क्रमांक/एफ 7-1/2014/स.क./26 दिनांक 04.10.2014 राज्य शासन एतद द्वारा तृतीय लिंग वर्ग के व्यक्तियों के कल्याण हेतु अन्तर विभागीय समन्वय कर विभिन्न शासकीय योजनाओ का लाभ प्रदान करने के लिए माननीय मंत्री, समाज कल्याण छत्तीसगढ़ शासन की अध्यक्षता में सम्बन्धित विभाग के प्रमुख सचिव/सचिव एवं, तृतीय लिंग वर्ग के चार तथा स्वयं सेवी संस्था का एक प्रतिनिधि कुल 05 अशासकीय सदस्यगण को सम्मिलित करते हुए 16 सदस्य तृतीय लिंग कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है।
  • बोर्ड का निम्नानुसार दायित्व होगा:-

    • बोर्ड अन्तर विभागीय समन्वय कर योजनाओं का लाभ दिलायेगा।
    • बोर्ड इस वर्ग की सामाजिक सुरक्षा एवं आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये आवास, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य एवं आय वृद्धि के बिन्दुओें पर जोर देगा।
    • बोर्ड एक एजेन्सी के रूप में इस वर्ग के लिए आवश्यकतानुसार विधिवत योजनाओें का निर्माण एवं क्रियान्वयन कर सकेगा।
  • सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, समाज कल्याण विभाग, मंत्रालय नया रायपुर का आदेश क्रमांक/एफ 6-32/2012/स.क./26 दिनांक 17 अक्टूबर 2014 द्वारा तृतीय लिंग वर्ग के व्यक्तियों के पहचान एवं कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु जिला स्तर पर कलेक्टर/अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में 08 सदस्यीय जिला समितिका गठन किया गया है।
  • जिला स्तरीय समिति का निम्नानुसार दायित्व होगा:-

    उपरोक्त समिति जिला स्तर पर तृतीय लिंग वर्ग के व्यक्तियों को प्रमाण पत्र/पहचान पत्र जारी करेगी। यह प्रमाण पत्र सभी शासकीय प्रयोजनों के लिए जैसे राशनकार्ड, पासपोर्ट, आधारकार्ड एवं जन्म इत्यादि के लिए (तृतीय लिंग वर्ग विशेष हेतु) मान्य होगा। संचालनालयीन पत्र क्रमांक/स.क/प.श./324/2014 /2165 दिनांक 28.11.2014 द्वारा प्रारूप समस्त जिला अधिकारियों को प्रेषित किया जा चुका है।

  • राज्य के सभी जिलों में तृतीय लिंग वर्ग के व्यक्तियों का सर्वे कराया गया है। 30 जून 2015 तक कुल 2779 तृतीय लिंग वर्ग के व्यक्तियों की पहचान एवं सर्वेप्रपत्र भराया जा चुका है, भविष्य में प्रचार-प्रसार एवं समुदाय में जनजागरूकता होने पर इनकी संख्या में वृद्धि होने की पूर्ण संभावना है।
  • छत्तीसगढ़ शासन, समाज कल्याण विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नया रायपुर पत्र क्रमांक एफ 6-32/2012/स.क./26 दिनांक 01.10.2014 द्वारा तृतीय लिंग व्यक्तियों के हितों के लिए कार्यरत स्वयं सेवी संस्थाओं को नियमानुसार अनुदान प्रदान किये जाने के निर्देष प्रसारित किया गया।