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समाज कल्याण विभाग में आपका स्वागत है(प्रस्तावना)

छत्तीसगढ़ निराश्रितों एवं निर्धन व्यक्तियों की सहायता अधिनियम 1970 यथा संशोधित 2010 के प्रावधानों के अनुरूप निराश्रित, निर्धन, निःशक्त, एवं वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्वास हेतु सहायता प्रदान की जा रही हैं। समाज कल्याण विभाग को तृतीय लिंग व्यक्तियों के कल्याणार्थ योजनाएं संचालित करने हेतु नोडल विभाग के रूप में अधिकृत किया गया है। उनके लिए कौशल उन्नयन की परियोजनाओं (ब्यूटी पार्लर, केटरिंग, फैशन डिजाइन, टेलरिंग आदि) हेतु तृतीय लिंग के स्वसहायता समूहों को अनुदान स्वीकृत किये जाने का प्रावधान रखा गया है।

60 वर्ष या इससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को पात्रतानुसार राज्य के बाहर विभिन्न तीर्थस्थलों की निःशुल्क यात्रा के लिए ‘‘छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना’’ दिनांक 04 दिसम्बर, 2012 से प्रारंभ की गई है। इस योजना के अन्तर्गत वरिष्ठ नागरिकों को उनके जीवनकाल में एक बार लाभान्वित किया जाएगा। इसी क्रम में निःशक्त व्यक्तियों को भी तीर्थाटन कराया जा रहा है।

निःशक्त व्यक्ति (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण एवं पूर्ण भागीदारी) अधिनियम 1995 के अनुसार निःशक्त व्यक्तियों के सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्वास तथा उन्हें संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सर्वसुविधायुक्त क्षेत्रीय पुनर्वास केन्द्र की स्थापना की गई है। निःशक्त जनों को शासकीय सेवा में नियुक्ति प्रदान करने के उद्देश्य से उनके लिए पदों का चिन्हांकन कर नियम प्रवृत्त किया गया है। उनकी निःशक्तता कम करने एवं चलनशीलता को गतिमान प्रदान करने के उद्देश्य से प्रत्येक जिले में वृहद शिविरों का आयोजन कर कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदान किये जा रहे हैं। निःशक्त जनों के लिए राज्य में 19 शासकीय एवं 39 स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से निःशुल्क आवासीय शिक्षण प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। निःशक्त व्यक्तियों के सामाजिक पुनर्वास हेतु विभाग द्वारा निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना अन्तर्गत राशि रू. 21000/- प्रति जोड़े प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।

विभाग द्वारा संचालित पेंशन योजनाओं से प्रदेश के लगभग 16 लाख 53 हजार गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे वृद्ध, विधवा एवं परित्यक्त महिलाएं, नि:शक्त व्यक्तियों को लाभान्वित किया जा रहा है। वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम 2007 के अन्तर्गत राजस्व अनुभाग स्तरों पर भरण-पोषण अधिकरणों तथा जिला स्तर पर अपीलीय अधिकरण का गठन किया गया है।